Option Trading in Hindi: ऑप्शन से जुड़ी 5 बाते

Option Trading in hindi

ऑप्शन ट्रेडिंग एक विशेष प्रकार का वित्तीय ट्रेडिंग है जिसमें खरीदारी और बेचने के लिए अनुमति पत्रों (ऑप्शन) का उपयोग किया जाता है। यह option खरीद या option बेच आपको एक सामान्य वित्तीय उपकरण जैसे शेयर्स ,बांड्स या कमोडिटी को खरीदने या बेचने की अनुमति देते हैं, जैसे कि स्टॉक, सेक्यूरिटी या अन्य वित्तीय उपकरण।

ऑप्शन एक समझौते पर आधारित होते हैं, जिसमें आपको एक निर्धारित मूल्य पर एक निश्चित समय अवधि के लिए उपकरण को खरीदने या बेचने का अधिकार होता है। इस समझौते के लिए आपको एक प्रीमियम भी चुकाना पड़ता है, जो option की वैल्यू में शामिल होता है।

ऑप्शन ट्रेडिंग विभिन्न उदाहरणों में उपयोगी हो सकती है, जैसे कि अगर आप विचार कर रहे हैं कि शेयर बाजार में एक निश्चित समय अवधि के बाद शेयर का मूल्य बढ़ेगा तो आप उस शेयर के लिए ऑप्शन खरीद सकते हैं और उसे उस निश्चित मूल्य पर खरीदने का अधिकार प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, ऑप्शन ट्रेडिंग रिस्क प्रबंधन का भी एक माध्यम हो सकती है, जो वित्तीय बाजारों में उच्च उतार-चढ़ाव वाले समय में उपयोगी होती है।

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ऑप्शन ट्रेडिंग उच्च रिस्क वाली वित्तीय गतिविधि है और यह ध्यान से समझने के बिना न करें। यदि आप नए हैं तो पहले अच्छे संशोधन के साथ इसके बारे में और जानने का प्रयास करें और धीरे-धीरे शुरू करें। यह बाजार में अधिक विस्तारित और अनुभवी व्यापारियों के लिए उपयुक्त होती है।

Option Trading in hindi

Option Trading के प्रकार:

ऑप्शन ट्रेडिंग मुलत कई प्रकार के होते है। लेकिन उनमे से जो सबसे महवत्पूर्ण हो वो नीचे दिए गए है।

Call Option:

Share Market   में बित्तीय उपकरण को एक निश्चित समय में निर्धारित मूल्यों पे खरीदने को कॉल ऑप्शन बोला जाता है। जब आप किसी स्टॉक पर कॉल ऑप्शन खरीदते हैं, तो इसका मतलब है कि आप शर्त लगा रहे हैं कि स्टॉक की कीमत बढ़ेगी। यदि किसी शेयर की कीमत बढ़ जाती है, तो आपको उसे खरीदने का अधिकार है। इससे आपको शेयर की कीमत में बढ़ोतरी से लाभ मिलता है।

Put Option:

पुट ऑप्शन ट्रेडिंग एक वित्तीय लेनदेन या ट्रेडिंग का प्रकार है जिसमें व्यापारी के पास एक निश्चित अवधि के दौरान एक निर्दिष्ट मूल्य पर एक विशेष सामान्य अंडरलाइंग एसेट को खरीदने या बेचने का विकल्प होता है। यह वित्तीय साधन उन ट्रेडर्स के लिए उपयुक्त है जो वित्तीय बाजार में अपने रिस्क का प्रबंधन करना चाहते हैं और अंडरलाइंग एसेट के प्राइस में बदलाव से बचना चाहते हैं।

Option Trading के फायदे और नुकसान:

option trading IN HINDI

option trading in hindi एक बोहत अच्छा बिकल्प है जिसका उपयोग  शेयर मार्केट में निबेश करने वालो के द्वारा बड़े स्तर पर होती है। इसमें निबेश करने के कुछ के फायदे और नुकसान निचे दिए गए है।

ऑप्शन का फायदे : 

1.कम निवेश,अधिक क्वांटिटी:

स्टॉक खरीदने के बजाय, लोग ऑप्शन खरीदते हैं क्योंकि उनकी कीमतें स्टॉक से कम होती हैं, जिससे आप कम पैसे में अधिक शेयर खरीद सकते हैं। इससे आपको अधिक शेयर खरीदने की क्षमता मिलती है और आपके लाभ की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।

2.रिस्क कम, लाभ अधिक:

ऑप्शन खरीदने से आपका निवेश कम जोखिम भरा होता है। यदि स्टॉक आपके विचार के विपरीत जाता है और कीमत गिरती है, तो आप अपना कॉल विकल्प खो देंगे। यह खरीदे गए विकल्प के प्राइस पर आपके नुकसान को सीमित करता है। इसके बारे में सोचने और इसे खरीदने से आपका हौसला बढ़ता है और आप आत्मविश्वास के साथ बाजार में निवेश कर सकते हैं।

3.स्थायी आय का जरिए:

ऑप्शन आपको स्थिर आय का एक अच्छा स्रोत प्रदान करते हैं। यदि आपके पास किसी स्टॉक पर  OPTION है और स्टॉक की कीमत बढ़ रही है, तो आपको इसे खरीदने का अधिकार है। इससे आपको शेयर की बढ़ती कीमतों का लाभ मिलता है और आपको आय का एक स्थिर स्रोत मिलता है।

ऑप्शन का नुकसान :

किसी भी मुनाफेवाले निवेश की तरह, OPTION खरीदने के कुछ नकारात्मक पहलू हो सकते हैं। उन्ही पहलु में से कुछ यहाँ दिए गए है।

1.विकल्प समय सीमा:

ऑप्शन की प्रीमियम भी कुछ समय के लिए रहती है। इसका मतलब यह है कि यदि स्टॉक की कीमत एक निर्दिष्ट अवधि के भीतर नहीं बढ़ती है, तो आपके OPTION का मूल्य कम हो जाएगा और आपको नुकसान होगा। इसलिए, समय के विरुद्ध जाने से बचें और expiry से पहले ही ऑप्शन बेचे।

2.कम ट्रेडिंग जानकारी :

शेयर बाजार में ऑप्शन खरीदने के लिए आपके पास मजबूत ट्रेडिंग कौशल होना चाहिए।ऑप्शन खरीदने के अनुभव और ज्ञान के बिना, आप अपना पैसा जोखिम में डाल सकते हैं। इसलिए शेयर बाजार में निवेश करने से पहले ठीक से रिसर्च कर लें और अपना पैसा बचाएं।

ऑप्शन ट्रेडिंग में Expiry Date कब होती है? :

Option Trading में “एक्सपायरी डेट” या “समाप्ति तिथि” एक महत्वपूर्ण मुद्दा होता है। यह तिथि तय करती है कि निवेशक किसी विशेष ऑप्शन को कब तक खरीदने या बेचने का अधिकार रखता है। एक्सपायरी डेट ऑप्शन की मात्रा में महत्वपूर्ण फैक्टर है जो निवेशकों को अपने निवेश के Time limit और Time Management के बारे में सोचने के लिए बाध्य करता है।

एक्सपायरी डेट ऑप्शन के अंतिम दिन को दर्शाता है जिसमें निवेशक अपने ऑप्शन को खरीदने या बेचने का निर्णय करना होता है। यह तिथि अलग-अलग ऑप्शन के लिए अलग हो सकती है और इसे ऑप्शन की खरीदारी के समय निर्धारित किया जाता है।

एक्सपायरी डेट को समझने के लिए निवेशकों को अपने ट्रेडिंग प्लेटफ़ॉर्म पर जाना चाहिए और विशेष ऑप्शन के expiry date की जाँच करनी चाहिए। एक्सपायरी डेट के बाद, Option अपने आप से समाप्त हो जाएगा और निवेशक इसे लाभ या नुकसान के साथ बंद करेंगे।

ध्यान देने लायक एक महत्वपूर्ण बिंदु है कि ऑप्शन ट्रेडिंग में एक्सपायरी डेट आम तौर पर स्पष्ट और निर्धारित होती है, और यह एक अवसर के रूप में दिखाई नहीं देती है। इसलिए, निवेशकों को अपने निवेश के Option की एक्सपायरी डेट को समझने में सतर्क रहना चाहिए और इससे संबंधित जानकारी को ध्यान से पढ़ना चाहिए।

Option Trading में निवेश कैसे करें:

option trading in hindi

1.Research करें:

 मार्केट अनुसंधान करना भी आपके निवेश के फैसलों को सहायता कर सकता है। आपको विभिन्न कंपनियों, उद्योगों, और बाजार की स्थिति का अध्ययन करना चाहिए ताकि आपको आने वाली चुनौतियों का सामना करने में मदद मिल सके।

2.निवेश और रिस्क का संतुलन:

जब आप Option Trading में निवेश करते हैं, तो आपको विचारपूर्ण रिस्क प्रबंधन का ध्यान देना आवश्यक होता है। आपको अपने निवेश की रकम को सावधानीपूर्वक चुनना चाहिए और केवल उतना ही रकम का निवेश करना चाहिए जितना आप खोने की सामर्थ्य रखते हैं।

3.शिक्षा और समझ:

Option Trading में निवेश करने से पहले, आपको इसके छोटे छोटे पॉइंट्स को समझना आवश्यक है। संभावित लाभ और हानि की समझ आपको सफल निवेश करने में मदद करेगी। शिक्षा प्राप्त करने के बाद ही आपको सावधानीपूर्वक निवेश करना चाहिए।

4.Tradingप्लान बनाये :

सबसे जरुरी पॉइंट है की आप सब कुछ सिखने समझने के बाद एक ट्रेडिंग प्लान बनाये जो की आपके काम करने के तरीके से मेल खाता हो। और उसी प्लान केआधार पर अपना ट्रेडिंग का अभ्यास करे और तब तक अभ्यास करे जब तक आप उस ट्रेडिंग प्लान में माहिर न हो जाये।

समापन: Option Trading में निवेश करना एक उचित और सोची समझी फाइनेंसियल क्रिया है, लेकिन इसमें रिस्क भी शामिल होता है। आपको धीरज से और विवेकपूर्णता से काम करते हुए अपने निवेश के फैसलों का सामर्थ्य रखना चाहिए। Option Trading के लिए अच्छे संसाधनों का उपयोग करके, आप फाइनेंसियल फ्रीडम की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।

Option Trding के लिए उपयुक्त नियम :

अगर आप नये हैं और ऑप्शन ट्रेडिंग में कदम रखना चाहते हैं, तो आपको निम्नलिखित नियमों का पालन करना चाहिए

स्टॉप लॉस का उपयोग:

जब आप ट्रेड कर रहे होते हैं, तो आप अपने ऑनलाइन ब्रोकर के प्लेटफ़ॉर्म पर जाकर स्टॉप लॉस लगा सकते है । आपको खरीदी या बेची जाने वाली option के स्तर के नीचे स्टॉप लॉस स्तर की स्थापना करनी होगी। स्टॉप लॉस को स्थापित करने के बाद, उसे अपने ट्रेड को खुद नियंत्रित करने के लिए छोड़ दें। धैर्य रखें और उसका पालन करते रहें।

बड़े समय अवधि चार्ट का उपयोग:

बड़े समय अवधि चार्ट का उपयोग फाइनेंसियल विश्लेषण में किया जाता है ताकि ट्रेडिंग निर्णय लेने में मदद मिल सके। यह चार्ट दिन, सप्ताह, महीना या उससे भी बड़े समय अवधि की प्राइस गतिविधियों को दर्शाता है।बड़े समय अवधि चार्ट का उपयोग ट्रेंड की पहचान के लिए किया जा सकता है। यह आपको लंबे समय तक की प्राइस movements को दिखा सकता है और आपको ट्रेंड की समझ में मदद कर सकता है।

नए ट्रेडर्स के लिए सुझाव:

ट्रेडिंग की दुनिया में इनफार्मेशन बोहत महत्वपूर्ण है। शुरूवात में बेहतर जानकारी प्राप्त करने के लिए बुक्स, ऑनलाइन कोर्सेज, और सेमिनार्स की ओर देखें।उसके बाद ट्रेडिंग योग्यता प्राप्त करने के बाद ही ट्रेडिंग बाजार में निवेश करें। व्यापारिक योग्यता जैसे कि स्टॉक मार्किट के मूल अवधारणाओं का समझ होना जरूरी है।लगातार व्यायाम की तरह, लगातार व्यापारिकअभ्यास करना भी जरुरी है।

Option Trading की Strategies:

वैसे तो ऑप्शन ट्रेडिंग करने के लिए बोहत सारे रणनीति बनाये गए है। उन्ही में से कुछ रणनीतोयो के बारे में निचे दी गयी है जो की आपको ऑप्शन रणनीतोय के बारे में जानकारी देगी।

1.कवर्ड कॉल स्ट्रेटेजी:

इस रणनीति में, आप एक स्टॉक पोर्टफोलियो की सुरक्षा के बारे में बहुत ज्यादा एक्टिव नहीं होते हैं, लेकिन आप उसके कॉल ऑप्शन का बेचा हुआ पुट ऑप्शन खरीदते हैं। इससे आपका नुकसान कम हो सकता है अगर स्टॉक का मूल्य बढ़ता है, लेकिन आपका लाभ सीमित होता है।

2.स्ट्रैडल स्ट्रेटेजी :

इसमें, आप एक कॉल और एक पुट ऑप्शन खरीदकर एक ही प्राइस पर खरीदते हैं, जिससे कि जब बाजार में बदलाव होता है, तो आपको लाभ हो सकता है, चाहे प्राइस बढ़े या गिरे।

3.स्ट्रैंगल स्ट्रेटेजी:

समें, आप एक कॉल और एक पुट ऑप्शन की खरीद करते हैं, लेकिन अलग अलग प्राइस पर। यह अलग प्राइस लिमिट के बीच में लाभ कम करता है, लेकिन अगर मूल्य में बड़ा परिवर्तन होता है, तो आपको लाभ हो सकता है।

4.बटरफ्लाई स्ट्रेटेजी:

इसमें, आप तीन Option खरीदते हैं – एक लो कॉल और एक हाई कॉल, साथ ही एक पुट ऑप्शन भी। यह उच्च और निम्न प्राइस के बीच में लाभ कम करता है और एक निर्दिष्ट मूल्य पर अधिक लाभ देता है।

Frequently Asked Question(FAQ)

Q:क्या विकल्प ट्रेडिंग सुरक्षित है?

A: ऑप्शन ट्रेडिंग में रिस्क होता है, लेकिन सही नियमों का पालन करके आप अपने निवेश को सुरक्षित बना सकते हैं।

Q:ऑप्शन ट्रेडिंग क्या है?

A:ऑप्शन ट्रेडिंग एक वित्तीय व्यापारिक प्रक्रिया है जिसमें निवेशक विभिन्न प्रकार के विकल्प खरीदकर और बेचकर मुनाफा कमा सकते हैं।

Q:कौन-कौन से प्रकार के ऑप्शन होते हैं?

A: ऑप्शन ट्रेडिंग में कॉल आप्शन और पुट आप्शन दो प्रमुख प्रकार के विकल्प होते हैं।

Q:ऑप्शन ट्रेडिंग के लिए कितना पूंजी आवश्यक है?

A: ऑप्शन ट्रेडिंग में आपको न्यूनतम पूंजी की आवश्यकता होती है, जिसे मार्जिन कहा जाता है।

Q:क्या मैं बिना पूर्वज्ञान के ऑप्शन ट्रेडिंग कर सकता हूं?

A: हाँ, आप डेमो ट्रेडिंग के माध्यम से बिना पूर्वज्ञान के ऑप्शन ट्रेडिंग का अभ्यास कर सकते हैं।

Conclusion:

Option Trading के लिए नियमों का पालन करने से निवेशक अपने निवेश के परिणामों को सुधार सकते हैं। निवेश करने से पहले, निवेशकों को अपने निवेश के लक्ष्यों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करना चाहिए। वे यह तय कर सकते हैं कि क्या उन्हें नियमित आय प्राप्त करना है या फिर उच्च मुनाफा प्राप्त करना है। इसके साथ ही, वे अपने निवेश के रिस्क को मैनेज करने की योजना बना सकते हैं और निवेश के दौरान उचित सुरक्षा की दिशा में कदम उठा सकते हैं।

ऑप्शन ट्रेडिंग में सफलता प्राप्त करने के लिए, निवेशकों को लगातार अभ्यास करना आवश्यक है। वे निवेश skills को सुधारने के लिए रोजाना अभ्यास करने के लिए समय देने के लिए तैयार होने चाहिए। इसके साथ ही, वे innovation and technology का भी सही तरीके से उपयोग करने का प्रयास कर सकते हैं, जो उन्हें अपने निवेश को बेहतर तरीके से समझने और उसे सुधरने में में मदद कर सकते हैं।

आखिरकार, ऑप्शन ट्रेडिंग एक रोमांचक और विशेष तरीके से निवेश करने का माध्यम है जो निवेशकों को उनके वित्तीय लक्ष्यों की प्राप्ति में मदद कर सकता है। सही नियमों का पालन करने से, निवेशक अपने निवेश को सुरक्षित बना सकते हैं और उच्च मुनाफा की प्राप्ति कर सकते हैं। याद रखें, निवेश में सावधानीपूर्वक और समझदारी से कदम उठाना हमेशा महत्वपूर्ण रहता है।

 

 

 

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