Technical Analysis in Hindi: Complete guide in 2024

Table of Contents

Introduction:

ट्रेडिंग और निवेश के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण टूल के रूप में, Technical Analysis In Hindi एक प्रमुख भूमिका निभाता है। यह एक विशेष प्रकार का विश्लेषण है जिसका उपयोग विभिन्न फाइनेंसियल उपकरणों जैसे चार्ट्स, indicators के माध्यम से फाइनेंसियल निवेश की समर्थन करने के लिए किया जाता है।

Technical Analysis का उद्देश्य विभिन्न निवेश और ट्रेडिंग अवसरों को पहचानने में मदद करना है और उन्हें समझने में मदद करना है और आने वाला कीमत का पता लगाना।

Technical Analysis क्या है :Technical Analysis in Hindi:

Technical Analysis एक पद्धति है जिसका उपयोग ट्राडेरो और निवेशकों द्वारा वित्तीय बाजारों में भविष्य के कीमतों का मूल्यांकन और भविष्यवाणी करने के लिए किया जाता है। Fundamental Analysis के विपरीत, जो किसी कंपनी के फाइनेंसियल स्वास्थ्य और आर्थिक संकेतकों पर केंद्रित होता है, Technical Analysis ऐतिहासिक मूल्य और volume डेटा पर निर्भर करता है। पैटर्न, Trends और Indicators का विश्लेषण करके,ट्रेडर का लक्ष्य के लिए संभावित एंट्री और एग्जिट पॉइंट की पहचान करना है।

Technical Analysis कितने प्रकार की होती है?

Technical Analysis कितने प्रकार की होती है?

तकनिकी बिश्लेषण मुलत 2 प्रकार का होता है :

  • Charts Analysis
  • Indicator Analysis

1.Charts Analysis:(चार्ट विश्लेषण)

चार्ट विश्लेषण ट्रेडिंग में एक महत्वपूर्ण तकनीक है जो ट्रेडर को अलग अलग फाइनेंसियल टूल की मदद से वित्तीय बाजार की गतिविधियों को समझने में मदद करती है। चार्ट विश्लेषण में, Trader विभिन्न प्रकार के चार्ट्स जैसे कि कैंडलस्टिक चार्ट्स, बार चार्ट्स, और लाइन चार्ट्स का उपयोग करके प्राइस मूवमेंट को विश्लेषण करते हैं।

चार्ट विश्लेषण का उद्देश्य ट्रेडर को कीमत के परिवर्तनों, उछालों और गिरावटों, सपोर्ट और रेसिस्टेन्स स्तरों , और विभिन्न तकनीकी Indicators को समझ में मदद करना होता है

1.Indicator Analysis:

इंडिकेटर विश्लेषण एक महत्वपूर्ण टूल है जिसका उपयोग विभिन्न फाइनेंसियल बाजारों में दिशानिर्देश के रूप में किया जाता है। यह व्यक्तिगत निवेशकों को सहायता करता है ताकि वे योग्य निवेश निर्णय ले सकें और बाजार के परिपर्णता में उनकी समझ मदद करता है।

इंडिकेटर्स विश्लेषण की कुछ उदाहरण हो सकते हैं, जैसे कि फाइनेंसियल स्थिति का विश्लेषण, जहां हम अलग अलग फाइनेंसियल पैरामीटर्स को देखकर फाइनेंसियल स्वास्थ्य का अंदाजा कर सकते हैं।

Technical Analysis करना क्यों जरूरी है?

कैपिटल का निर्माण करने और वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए या निवेश करने के कई तरीके हैं, लेकिन Technical Analysis एक ऐसा महत्वपूर्ण तरीका है जो निवेशकों को विभिन्न स्ट्रेटेजिक निवेश निर्णय लेने में मदद करता है। हम देखेंगे कि Technical Analysis करना क्यों महत्वपूर्ण है और यह किसके लिए महत्वपूर्ण है।

टेक्निकल एनालिसिस का महत्व:

तकनीकी विश्लेषण एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें मापदंड और मूल्य संकेतों के आधार पर निवेश करने के लिए फाइनेंसियल बाजार के अलग अलग पहलुओं का विश्लेषण किया जाता है। यह निवेशकों को विभिन्न स्तरों पर कीमत में फेर बदल को समझने में मदद करता है, जिससे उन्हें निवेश निर्णय लेने में मदद मिलती है।

Price Movement की समझ:

तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से, निवेशक मूल्य चार्ट की गति को समझ सकते हैं और उनके परिवर्तनों के कारणों को निर्धारित कर सकते हैं। इससे निवेशकों को यह समझने में मदद मिलती है कि अलग-अलग समय पर कीमत कैसे बदलती है और इसका कारण क्या हो सकता है।

निवेश के लिए अच्छा समय:

तकनीकी विश्लेषण निवेशकों को सही समय पर निवेश करने की सलाह देता है। यह निवेशकों को मूल्य में उतार-चढ़ाव के आधार पर निवेश निर्णय लेने में मदद करता है, इस प्रकार विफलता से बचता है और उनकी सफलता की संभावना बढ़ जाती है।

टेक्निकल एनालिसिस निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण और उपयोगी नजरिया है जो मूल्यों के उतर चढ़ाओ और संकेतों के आधार पर निवेश करने की सलाह देता है। यह निवेशकों को सही निवेश के निर्णय लेने में मदद करता है और उनके निवेश के परिणाम को सुधारता है।

Technical Analysis का क्या काम है?

टेक्निकल एनालिसिस एक विशेष प्रक्रिया है जिसका उपयोग फाइनेंसियल बाजारों में ट्रेड के निर्णय लेने के लिए किया जाता है। इसमें प्राइस मूवमेंट , पैटर्न्स, और अन्य संकेतों का विश्लेषण किया जाता है ताकि ट्रेडर्स अलग अलग निवेश के अवसरों को समझ सकें। हम देखेंगे कि टेक्निकल एनालिसिस का क्या काम होता है और इसका क्या महत्व है।

मूल्यों के चाल का विश्लेषण:

टेक्निकल एनालिसिस का मुख्य काम प्राइस के चाल का विश्लेषण करना होता है। यह ट्रेडर्स को विभिन्न समय सीमाओं में मूल्यों के बदलाव को समझने में मदद करता है।

टेक्निकल एनालिसिस के माध्यम से निवेशक प्राइस चार्ट्स के संकेतों की पहचान करके मूल्यों के चलन की समझ प्राप्त कर सकते हैं और उनके परिवर्तनों को समझ सकते हैं।

Chart पैटर्न्स की पहचान:

टेक्निकल एनालिसिस का एक और महत्वपूर्ण काम चार्ट्स पैटर्न्स की पहचान करना होता है। यह प्राइस चार्ट पर दिखाई देने वाले पैटर्न्स की पहचान करने में मदद करता है जैसे कि उतार-चढ़ाव, हेड और शोल्डर्स, आदि।

इन पैटर्न्स के आधार पर ट्रेडर्स ट्रड के फैसले लेते हैं और मूल्यों के परिवर्तन की समझ प्राप्त करते हैं

Indicators की समझ:

टेक्निकल एनालिसिस का एक और महत्वपूर्ण काम इंडीकेटर्स की समझ करना होता है। इसमें विभिन्न टूल्स और इंडिकेटर्स का उपयोग किया जाता है जैसे कि RSI और MACD जो मूल्यों के संकेतों की समझ प्रदान करते हैं। ये इंडीकेटर्स ट्रेडर्स को मूल्यों के परिवर्तनों की समझ में मदद करते हैं और उन्हें निवेश के फैसले लेने में सहायता प्रदान करते हैं।

Technical Analysis में कौन सी महत्वपूर्ण पहलु आता है?

टेक्निकल एनालिसिस के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण चीज़े शामिल होते हैं:

1.मूल्य चार्ट:(Price Chart)

प्राइस चार्ट किसी सुरक्षा या फाइनेंसियल उपकरण के कीमत को समय के साथ प्रदर्शित करता है। यह चार्ट्स की मदद से प्राइस पैटर्न, ट्रेंड, सपोर्ट और रिजिस्टेंस स्तरों को आसानी से पहचानने में मदद करता है।और इसकी पहचान करके ही एक निबेशक़ या ट्रेडर अपना पैसा शेयर मार्किट में निबेश करता है।

2.तकनीकी इंडिकेटर्स:

इन्डिकेटर्स विभिन्न कीमत और volume डेटा का विश्लेषण करके ट्रेडिंग करने लायक अबसर प्रदान करते हैं। यहां शामिल हो सकते हैं: Moving Averages, Relative Strength Index (RSI), Stochastic Oscillators, MACD (Moving Average Convergence Divergence), आदि।

3.शामिल पैटर्न्स:

तकनीकी विश्लेषण में 4 के अलग अलग पैटर्न्स की पहचान की जाती है, जैसे कि Double Tops, Head and Shoulders, Triangles, Flags,Cup Handle आदि

4.वॉल्यूम विश्लेषण:(Volume Analysis)

वॉल्यूम का अध्ययन करके ट्रेडिंग गतिविधियों में छोटा सा परिवर्तन की पहचान की जाती है। वॉल्यूम के वृद्धि या घटने की आवश्यकता होने पर कीमत पर कैसे प्रभाव पड़ सकता है, यह देखा जाता है।

स्टॉक का Technical Analysis कैसे करें?

स्टॉक का Technical Analysis करने का एक महत्वपूर्ण तरीका है कि आप स्टॉक की प्राइस गतिविधियों को समझ सकें और आगामी कीमतों चलनों को पहले से पता लगा कर ट्रेडिंग कर सकें। यह निम्नलिखित कदमों के माध्यम से किया जा सकता है:

1. अध्ययन करें और समझें निवेश के मूल तत्व:

आपको स्टॉक मार्केट में निवेश करने के लिए बेहतर तरीके से समझने की आवश्यकता है। आपको स्टॉक के मूल तत्वों की समझ होनी चाहिए, जैसे कि परिप्रेक्ष्य, उद्देश्य, और कीमतो में परिवर्तन।

2.Technical Analysis के उपकरण सीखें:

Technical Analysis के लिए उपकरणों(Instruments ) का सही तरीके से उपयोग करना महत्वपूर्ण है। चार्ट्स, ग्राफ, और तकनीकी Indicators आपको स्टॉक के प्राइस और गतिविधियों की समझ में मदद कर सकते हैं।

3.Historical डेटा का परीक्षण करें:

पिछले स्टॉक प्राइस मूवमेंट का अध्ययन करके आप कीमतों के भविष्य में किस प्रकार के परिवर्तन की संभावना है, यह समझ सकते हैं। इसके लिए आपको Historical प्राइस डेटा का परीक्षण करना होगा।

5.मार्केट स्थिति का अध्ययन करें:

मार्केट की वर्तमान स्थिति को समझना भी महत्वपूर्ण है। आपको वर्तमान में चल रहे विपरीत ट्रेंड और न्यूज़ के प्रभाव को समझने की कोशिश करनी चाहिए।

Technical Analysis के मूल शब्दावली(Terminology):

मूल्य (Price):

एक सुरक्षा या संपत्ति(asset) की मौजूदा मार्केट मूल्य जिसे (CMP) करंट मार्केट प्राइस भी कहा जाता है

माध्य (Moving Average):

कीमत की औसत ध्वनि जो निश्चित समय अवधि के लिए गणना की जाती है।

लक्ष्य मूल्य (Target Price):

एक व्यक्ति या संगठन द्वारा निर्धारित मूल्य जिस पर एक व्यक्ति को खरीदने या बेचने की सिफारिश दी जा सकती है।

प्रतिरोध स्तर (Resistance Level):

कीमत की वृद्धि को रोकने वाला स्तर जहाँ संभावित बेचने के आदान-प्रदान के संदर्भ में शिखर परिभाषित होता है।

समर्थन स्तर (Support Level):

कीमत की गिरावट को रोकने वाला स्तर जहाँ संभावित खरीदने के आदान-प्रदान के संदर्भ में निम्नतम परिभाषित होता है।

रुचि खरीद (Buying Interest):

एक सुरक्षा के प्रति वित्तीय रुचि जिससे कीमत में वृद्धि हो सकती है।

विक्रय दर (Sell Rate):

एक सुरक्षा के लिए विपणन मूल्य जिस पर व्यक्ति तथा संगठन उसे बेच सकते हैं।

लेखक का राय (Author’s Opinion):

एक विशेष व्यक्ति द्वारा लिखित जानकारी या विश्लेषण जो आपको वित्तीय बाजार की स्थिति और दिशा के बारे में समझाता है।

चार्ट (Chart):

मूल्य के इतिहास को ग्राफिकल रूप में प्रदर्शित करने वाला एक विजुअल उपकरण।

स्केल्पिंग (Scalping):

व्यापारिक कार्यक्रम में छोटे अवधियों में वित्तीय उद्यमिता जिसमें छोटे मूल्य विचलनों का उपयोग किया जाता है।

रुझान (Volatility):

मूल्य में उत्तेजना या अस्थिरता की मात्रा, जो मूल्य में छोटे-मोटे विचलनों को दर्शाती है।

स्विंग ट्रेडिंग (Swing Trading):

व्यापारिक कार्यक्रम में कुछ दिनों या हफ्तों तक की अवधि के लिए वित्तीय संपत्ति की खरीददारी और बेचदारी करना।

पैटर्न (Pattern):

चार्ट पर मूल्यों के विशिष्ट गठरीले आवरण जो तकनीकी विश्लेषण के संकेत के रूप में काम कर सकते हैं।

इंडिकेटर (Indicator):

इतिहासिक कीमत और मौजूदा मूल्यों के आधार पर तकनीकी विश्लेषण का सहायक उपकरण।

मूल्य बंद (Closing Price):

मार्केट में ट्रेडिंग समय ख़तम होने के बाद जो किसी बिशेष शेयर की जो भी आखरी कीमत होता है उसे ही क्लोजिंग प्राइस कहते है।

Technical Analysis के लिए उपयोग किये जाने चार्ट्स:

Technical Analysis के लिए उपयोग किए जाने वाले चार्ट्स:

1.लाइन चार्ट (Line Chart):

प्राइस को समय के साथ एक सीधी रेखा में प्रदर्शित करने वाला चार्ट, जिसमें एक मौजूदा समय अवधि(timeframe ) के आखिरी कीमत का प्रतिनिधित्व होता है।

2.कैंडलस्टिक चार्ट (Candlestick Chart):

मूल्यों को विभिन्न श्वासकोणों और रंगों के साथ प्रदर्शित करने वाला चार्ट, जो व्यापारिक दिन के लिए विश्लेषण के लिए प्रयुक्त होता है।

3.बार चार्ट (Bar Chart):

मूल्यों को ट्रेडिंग दिन के लिए एक आधारी बार में प्रदर्शित करने वाला चार्ट, जिसमें मूल्य की उच्च, निम्न, खुली, और बंद की मानें दी जाती हैं।

4.चीको स्पैनिश चार्ट (Heikin Ashi Chart):

मूल्यों को ट्रेडिंग दिन के लिए एक विशेष तरीके से प्रदर्शित करने वाला चार्ट, जिसमें पिछले दिन के कीमत का भी प्रभाव होता है।

5.बनाया गया चार्ट (Renko Chart):

कीमत के विशिष्ट परिमाणों के ब्लॉकों में प्रदर्शित करने वाला चार्ट, जो वृत्तियों की बजाय ब्लॉकों के साथ काम करता है।

6.बार वॉल्यूम चार्ट (Volume Bar Chart):

ट्रेडिंग दिन के दौरान वॉल्यूम की मात्रा के साथ कीमत को प्रदर्शित करने वाला चार्ट।

7.प्वाइंट एंड फिगर चार्ट (Point and Figure Chart):

प्राइस की परिवर्तन को “एक्स” और “ओ” की प्रतीकों के साथ दर्शाने वाला चार्ट, जो सिर्फ महत्वपूर्ण परिवर्तनों पर ध्यान केंद्रित करता है।

8.जीआरएफ (Gann Chart):

जी आर एफ संकेतों का प्रयोग करके मूल्य की दिशा और चरणों को दर्शाने वाला चार्ट, जिसमें गणितीय प्रक्रियाएँ होती हैं।

9.आईचीमोकु क्लाउड चार्ट (Ichimoku Cloud Chart):

प्राइस की प्रतिस्थानता और समर्थन स्तरों को दिखाने वाला चार्ट, जिसमें आईचीमोकु क्लाउड के साथ अन्य इंडिकेटर्स भी होते हैं।

10.रेडियल चार्ट (Radial Chart):

केंद्र से बाहर बढ़ते हुए प्राइस को विश्लेषण के लिए एक पृष्ठभूमि के खिलाफ प्रदर्शित करने वाला चार्ट।

Frequently Asked Question:(FAQ)

Q:Technical Analysis क्या होता है?

A: तकनिकी विश्लेषण एक वित्तीय बाजार का विश्लेषण करने का तरीका है जिसमें पुराने प्राइस चार्ट्स और वॉल्यूम डेटा का उपयोग करके कीमत की चाल को पूर्वानुमान(अंदाजा) किया जाता है।

Q: मुझे तकनिकी विश्लेषण क्यों सीखना चाहिए?

A: तकनिकी विश्लेषण आपको विभिन्न फाइनेंसियल उपकरणों का उपयोग करके बाजार की दिशा और चाल को समझने में मदद कर सकता है, जिससे आप निवेश और ट्रेडिंग में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

Q: तकनिकी विश्लेषण में कौन-कौन से टूल्स होते हैं?

A:तकनिकी विश्लेषण में प्रमुख टूल्स में प्राइस चार्ट्स, चार्ट पैटर्न, वॉल्यूम, और स्टोक इंडिकेटर्स शामिल होते हैं।

Q:क्या तकनिकी विश्लेषण सटीकता लाता है?

A:तकनिकी विश्लेषण में सटीकता समय-समय पर विभिन्न तत्वों के प्रभाव में बदल सकती है। यह केवल एक माध्यम है और विश्लेषण के आधार पर निवेश करने से पहले विवेकपूर्ण निर्णय लेना महत्वपूर्ण है।

Q: तकनिकी विश्लेषण और मुद्रा व्यापार में क्या संबंध है?

A: तकनिकी विश्लेषण करेंसी ट्रेडिंग में भी उपयोगी हो सकता है, क्योंकि यह करेंसी के प्राइस चार्ट्स को विश्लेषण करके व्यापारिक संकेत प्रदान कर सकता है।

Q:तकनिकी विश्लेषण के लिए शिक्षा कैसे प्राप्त करें?

A: तकनिकी विश्लेषण के लिए आप वेबसाइट, बुक्स, और ऑनलाइन कोर्सेज का उपयोग कर सकते हैं जो आपको विश्लेषण के बेहतर समझ में मदद कर सकते हैं।

Q:Technical Analysis के बिना निवेश करना संभव है?

A: हां, आप तकनिकी विश्लेषण के बिना भी निवेश कर सकते हैं, लेकिन यह विश्लेषण आपको निवेश करने के बेहतर समय और दिशा की पहचान करने में मदद कर सकता है।

Q:क्या तकनिकी विश्लेषण सिर्फ ट्रेडर्स के लिए होता है?

A: नहीं, तकनिकी विश्लेषण सिर्फ ट्रेडर्स के लिए नहीं होता। निवेशक भी इसका उपयोग करके अपने निवेशों की सुरक्षा और मुनाफा बना सकते हैं।

Conclusion:

इस लेख में आपने जाना टेक्निकल एनालिसिस से जुड़ी बाते जो आपके आने वाले ट्रेडिंग के सफर में जरूर काम आएंगे। और हम इसी तरह के लेख और भी लेट जायेंगे जिससे आप समय के साथ अपडेटेड रहे।
और याद रखिये मार्केट में आप सही ज्ञान और लगातार प्रैक्टिस से ही पैसे बना पाएंगे। ये लेख आपको अच्छा लगा हो तो निचे कमैंट्स में अपना राय देना न भूले।

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